चल - चल रे नौजवान !

       (तर्ज- अब तेरे सिवा कौन मेरा... )
चल-चल रे नौजवान ! किधर देखता गडी ।
आगे कदम उठा, वह मौत है  पिछे   खड़ी ।।टेक।।
जिसने तुझे बना दिया  दुनियाको  देखने । 
जिसने लगा दिया है जिंदगी को सीखने ।
थोडी तो उसकी याद कर, भला घड़ी -घड़ी ।।आगे0 ।।१।।
मत काम कर जो झूठ हो, दे डाल तू उसे ।
नीती कमा संसारमें,  ना  भूलमें   फँसे ।
अपनी जबाँको साच रख, इजत यही बडी ।।आगे0 ।।२।।
अपनी बराबरी में लाओ दीन - हीन को ।
सतसे मिलाओ सबके साथ दिलकी बीन को ।
दूनिया में सबका हक है ना भूल जा गड़ी ! ।।आगें0 ।।३।।
हर श्वास में लगन लगालें रापनामकी ।
सबका भला हो, यह धुन चलाले ऐसे कामकी ।
तुकड़या कहे हुशियार हो, यह आखरी पड़ी । ।आगे0।।४।।