मेरे प्यारे सुन्दर भारत पर- दूश्मनकि नजर ना लगे अरे तू सुन !

(तर्ज: तेरि प्यारी प्यारी सूरतियाँ . . )

मेरे प्यारे सुन्दर भारत पर-
दूश्मनकि नजर ना लगे अरे तू सुन !
भारत की इस आजादी पर-
परदेशी नजर ना छगे,अरे तू सुन ! !  ।।टेक ।।
मुष्किल से पाया है स्वराज |
प्रिय बापूका है   सिरताज  ||
कई  वीरोने  कुर्बांनी  कर -
सुख के दीन बतलाये आज। मेरे प्यारे ! ।। १ ।।
हम न किसीको डरायेंगे।
ना  किनसे  डर    पायेंगे।।
सबको मित्र बनाने में हम -
अपना हाथ बटायेंगे।। मेरे प्यारे ! ॥२॥
लुचपत खोरी हम न  के रें।
झूठ   मिलावट   दूर  करें ।।
सच बातों  पर   हम  जीये-
पिछड़ी जाती को साथ करें। मेरे प्यारे! ।।३।।
चरित्र भारत का है धन।
विशाल भारत का है मन।।
कहता तुकड्या, नया जमाना -
नव-निर्माण करेंगे हम।। मेरे प्यारे !।।४।।