गाना है, गाना है, गाना है, भारत ! उसकी धून मचाना है,जिसका पहिने बाना है!।
(राग: भूपाली (कोरस प्रकार)
गाना है, गाना है, गाना है, भारत !
उसकी धून मचाना है,जिसका पहिने बाना है!।।टेक।।
घरघरमें या मंदिर में, जंगल में बाजारों में।
उन शब्दों के नारों में भारत हमारा थाना है।।
उसकी टेक निभाना है ! ।।१॥।
सजके -धजके गायेंगे, देशका बिगुल बजायेंगे।
आजादी की नौबद्पर ही, अपना गर्व मनायेंगे।।
यहीं हमारा बाना है ! ।।२।।
कौन हैं इसके शत्रु वो, हम उनसे लड़ जायेंगे।
दिल उनके. बदलायेंगे, उनको मित्र बनायेंगे।।
हमें न किसका खाना हैं !।। ३।।
अपना देश सभी को है, इनसानीयत सीखों ये।
कहता तुकड्या अपने दिलमें ,बच्चा -बच्चा लिखों ये ।।
चुके नहीं निशाना है ! ।।४।।