गांधी किया बदनाम, हमीने गांधी किया बदनाम

(तर्ज: प्रभू मेरी, नाव किनारे .....) 

गांधी किया बदनाम, हमीने गांधी किया बदनाम ।।टेक।।
नहि माना उसका कुछ कहना, बिक गये झूठे दाम।।1।।
शराब पीकर  गाँव   बिगाडा, नेता  लेकर   नाम ।।2।।
घुसखोरी से खाये पैसे, छिपा न   अब   यह काम ।।3।।
धर्म नही और देश नहीं है, ऐसे   हूए   हराम       ।।4।।
कुछ जो रहे नेक अबतक भी,भीखको लगे तमाम।।5।।
उल्टी बही योजना - गंगा, मरे   श्रमिक   बेकाम  ।।6।।
देश-देश के सपने देखे, मनसे   भये   गुलाम       ।।7।।
तुकड्यादास कहे न बचोगे,पडेंगे सिरपर बाम ।।8।।