गुरुदेव हमारा प्यारा, है जीवन का उजियारा
(तर्ज: काया का पिंजरा डोले..... )
गुरुदेव हमारा प्यारा, है जीवन का उजियारा ।। टेक ॥
आओ बैठो लगाके आसन, रोको चंचल मनको ।
स्थीर चित्तसे पाठ पढो यह ,होगा जिया उध्दारा। है0 ।।1॥
सुन्दर यह आसन खादीका, बीच निरंजन ज्योति ।
निर्मल भाव -भक्तिसे गाओ,पाओ ग्यान अपारा। है0 ।।2 ॥
सब मिल गाओ,सब सुख पाओ, अपना भेद मिटाओ |
तुकड्यादास कहे सब साधो,देदो प्रेम सहारा । है0 ।।3 ॥