घटके घटमें खुशीको सम्हालना ।

(तर्ज : नागरी जुल्फोपे दिल निसार है...)
घटके घटमें  खुशीको सम्हालना ।
पटके पटमें बुराई   निकालना ।।टेक।।
झटके झटमें दुईको निकालो अभी ।
नटके नटमें नटाओ न घटकों कभी ।
हठके  हठमें   हटाओ   रूआबना ।।१।।
चटके चटमें कमालो कुफर तोडना ।
फटके फटकेसे मारो अहम्‌ जोडना ।
लटके - लटकेमें झूलो न   पालना ।।२।।
डटके डटके भरो वह हरीमें हरी ।
खटके खटकेसे तोडो मै हि मैं जरी ।
अटके अटमें न तुकड्या बहालना ।।३।।