चमक चमक बुझ जात । कौन है ?
(तर्ज: चलत चलत मथुरा नगरिमों ...)
चमक चमक बुझ जात । कौन है ? ।।टेक।।
जित देखूँ उत रंग मनोहर, पलभि न पावत हाथ । कौन हैं ?।।१।।
कहिं तारे कहिं बिजली चमके, कहिं सूरज मन भात । कौन हैं ?।।२।।
झननन घननन बाजत मीठा, किसमके ताल बजात । कौन हैं ?।।३।।
झिलमिल पानी टपके दिलभर, रूहसे झडिया आत । कौन हैं ?।।४।।
तुकड्यादास कहे ये मीठे सोहँ शब्द सुनात । कौन हैं ?।।५।।