सजन सँग सतत सरब सत श्याम

(तर्ज : सुदामजी को देखत श्याम...)
सजन सँग सतत सरब सत श्याम ।।टेक।।
सरस सरदसम सहस सरबगत, सबल सकल सुखधाम ।।१।।
सदय समद सम सरस सकलनत, सहचर सहगण श्याम ।।२।।
सबलय सरसिज सजल सफल सो, सबन समन शुभकाम ।।३।।
सतपथ सबको सकर सहावे, सहस सनर सत्‌नाम ।।४।।
तुकड्यादास सधे सत्‌संगा, समरस सदय सहान ।।५।।