गुरुदेव के हम है पुजारी
(तर्ज : गुरुदेव गाया करो...)
गुरुदेव के हम है पुजारी ।।टेक।।
सुने बोध उनका अमल में धरन को,
करेंगे करेंगे जीवन की तैयारी।
गुरुदेव के हम0 ।।1।।
गुरुदेव का रूप है विश्वव्यापी,
रखेंगे वही धारणा ही हमारी।
गुरुदेव के हम 0।।2।।
चलेंगे हमारे कदम राह उनकी।
भला हो, कहीं राह आवे दुखारी।
गुरुदेव के हम0 ।।3।।
जगत में रहे नम्र सेवा करन को ।
यही प्रेम की ज्योत दिल में उजारी ।
गुरुदेव के हम 0।।4।।
मिटाकर दुई को भजेंगे हमेशा ।
कहे दास तुकड्या यही आस जारी ।
गुरुदेव के हम 0।।5।।