गांधी महात्मा बोल

           (तर्ज: तू माझा यजमान रामा ! ...)
                  गांधी महात्मा बोल-
          बोलकर हुआ देश का मोल ।।टेक।।
खडे हुए सत्याग्रही मरने, बजा  क्रान्तिका  ढोल ।।१।।
जात-पाँत सब एक बनाकर,संघ किया अनमोल ।।२।।
पहनो खद्दर  हाथ  बनाया, लडलो  सीना  खोल ।।३।।
झूठ-कपट,निन्दा नहि करना,करो देशका  तोल ।।४।।
अपना घर-घर ही नहि करना,करुणासे दिल छोल।।५।
हिन्दू-मुस्लिम सब मिल करलो,अब एकीका कोल।।६।।
हों संकट  कितनेभी   आये, बनो   न   डाँवाडोल ।।७।।
कर्मपुष्प   से   देश - देवकी, पूजा   करो    अमोल ।।८।।
तुकड्यादास कहे फल पावे, बापू - बचन   टटोल ।।९।।