गांधीने दिखाया मार्ग भला, तब तो सवराज मिला हमको
(तर्ज: मेरे दिलमें गुरुने जादू... )
गांधीने दिखाया मार्ग भला,
तब तो सवराज मिला हमको ।
उनके पहले नेता कड़ थे,
ऐसा भी पता है चला हमको ।।टेक।।
वैसा तो बढ़े हर श्रेष्ठ पुरुष,कुछ पूर्व समयके ही बलपर ।
पर होता कुछ उसमें अपना, तबही तो दिखाय कला हमको ।।१।।
खैर, जो कुछ हो, पर है तो सही, हाथोमें मिला प्रिय बापूके ।
पंडीत जवाहरलाल के सँग, हँसते बापूहि खिला हमको ।।२।।
अति कष्ट पड़े सबकोहि बडे, जिस कारण दुनिया कहती है ।
भगवानको करना था हि सही,अच्छा दिन यह निकला हमकों ।।३।।
वर्ना इन्सान है क्रोधी महा, वह मरने क्यों तैयार बने ।
बस योग्यहि था ऐसा करना, करके हि दिया सिखला हमको ।।४।।
हम शान्तिके दूत कहा करके,मैदानमें आकर कूद पडे।
तुकड्या कहे हम सब देख चुके,पर आज दिखे न भला हमको ।।५।।