येशु में औ गांधी में, हमने फरक देखा नही
(तर्ज: हर जगह की रोशनी में...)
येशुमें औ गांधी में, हमने फरक देखा नहीं ।
भगवान बुध्द भी है वही,इसमें मुझे शंका नही ।।टेक।।
शांतिदुत ये थे सभी,
आदर्श थे मानव्य के ।
मरनाही सीखा था मगर,मारा किसीको भी नहीं।।१।।
अन्याय के व्देषी थे ये,
थे झूठके निंदक बडे ।
इनमें नही था भेद कुछ,था जाति धर्म भी एक ही ।।२।।
एक ईश्वर, एक मानव-
धर्म वर्म भी एक है ।
कहते फिरे चारों दिशा, उसके लिए ठहरे नहीं ।।३।।
हिन्दुओ का जो भरा,
वेदान्त ओ सिध्दान्त था ।
दास तुकड्या यों कहे, उनके ही मत ये हैं सही ।।४।।